*दिव्यांगों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के दिए निर्देश*
*सोशल सेक्टर की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर दिया जोर*
*जनपद की रैंकिंग प्रभावित करने वाले विभागों पर होगी कार्रवाई*
*छात्रवृत्ति प्रोफाइल लॉक नहीं करने वाले विद्यालयों की शुरू की गई मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई*
*देवरिया, 05 अगस्त।*
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोशल सेक्टर से जुड़े विभागों, जिला दिव्यांगजन समिति, स्थानीय स्तरीय समिति एवं डीएमटी समिति की बैठक संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने सोशल सेक्टर से संचालित सभी योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि सोशल सेक्टर की योजनाएं सीधे जनहित से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांग शादी प्रोत्साहन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत लगभग 200 दिव्यांगजनों को शादी प्रोत्साहन अनुदान का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने दिव्यांगजनों से विवाह उपरांत आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की। योजना के तहत दिव्यांग वर होने पर 15 हजार रुपये, दिव्यांग वधू होने पर 20 हजार रुपये तथा दोनों दिव्यांग होने पर 35 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्राविधान है।
उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण तथा स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से दिव्यांगजनों को जोड़कर उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सोशल सेक्टर की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम प्रधानों को जिलाधिकारी की ओर से अर्द्धशासकीय पत्र भेजा जाएगा, ताकि अधिकाधिक पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ उठा सकें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन विभागों की प्रगति प्रदेश स्तर पर बॉटम-10 में पाई जाएगी, संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। इसलिए सभी विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर को 15 दिनों के भीतर जीआईसी में स्थापित कर संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए, अन्यथा की स्थिति में जिला विद्यालय निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आश्रम पद्धति विद्यालय मेहरौना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी 490 सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य पूरा न होने पर प्रधानाचार्य का वेतन रोका जाएगा।
*बॉक्स 1*
*छात्रवृत्ति प्रोफाइल लॉक नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्यवाही शुरू*
जिन विद्यालयों ने छात्रवृत्ति पोर्टल पर प्रोफाइल लॉक नहीं किया है, उनपर कार्यवाही करते हुए उन्हें छात्रवृत्ति पोर्टल से हटा दिया गया है तथा उनकी मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति छात्रों के भविष्य से जुड़ी योजना है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*बॉक्स 2*
*आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश कराने की जिलाधिकारी ने की अपील*
जिलाधिकारी ने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश कराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कक्षा 10 एवं 12 में 80 सीट रिक्त है। इक्छुक छात्र/अभिभावक इस विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क कर इन कक्षाओं में अपना प्रवेश करा सकतें हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों का प्रवेश कराने के लिए अपील करते हुए कहा कि इस विद्यालय में शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण पठन पाठन के साथ ही निःशुल्क आवासीय व्यवस्था, भोजन आदि की सुविधाये अनुमन्य है जो निःशुल्क प्राप्त होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पांडेय, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहित सोशल सेक्टर से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








0 comments:
एक टिप्पणी भेजें