देवरिया, 18 फरवरी । भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा विकास खंड सभागार, गौरी बाजार में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों हेतु एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 135 से अधिक विश्वकर्मा बंधुओं (शिल्पकारों/कारीगरों) ने प्रतिभाग किया। इनमें गुड़िया एवं खिलौना निर्माता, सोनार, लोहार, बढ़ई, मोची, धोबी, नाई, दर्जी सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन नीरज कुमार, सहायक निदेशक द्वारा किया गया। अविनाश कुमार अपूर्व ने स्वागत भाषण में उपस्थित अतिथियों एवं लाभार्थियों का अभिनंदन करते हुए योजना की रूपरेखा और उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मनीष वर्मा, सहायक प्रबंधक (उद्योग), देवरिया ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभों के साथ राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. संजय भारती, उद्यमी ने विश्वकर्मा बंधुओं को डिजिटल माध्यम और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़कर विपणन को सशक्त बनाने की प्रक्रिया समझाई।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, गौरी बाजार शाखा की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मोना वर्मा ने योजना के अंतर्गत ऋण प्रक्रिया, पात्रता एवं बैंकिंग सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। अरविंद गोंड, प्रतिनिधि भारतीय डाक ने डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग के बारे में बताया। विशाल वर्मा, डीपीएमयू देवरिया ने योजना के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
नीरज कुमार, सहायक निदेशक/समन्वयक (पीएमवी) ने योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि देशभर में पांच वर्षों में 30 लाख विश्वकर्मा कारीगरों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे डेढ़ वर्ष में ही प्राप्त कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश में अब तक 1,78,031 लाभार्थियों का पंजीकरण, 1,40,440 को कौशल प्रशिक्षण, 14,927 को ऋण स्वीकृति तथा 66,821 टूलकिट का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने इसे कारीगरों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
साबिर अनवर, खंड विकास अधिकारी ने कहा कि एमएसएमई कार्यालय कारीगरों की हर प्रकार की समस्या—चाहे वह ऋण से संबंधित हो या तकनीकी दक्षता से जुड़ी—के समाधान के लिए सदैव तत्पर है। कार्यक्रम के अंत में उद्यमी अमरेश कुमार ने अतिथियों एवं उपस्थित सभी विश्वकर्मा कारीगरों के प्रति आभार व्यक्त किया।








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