देवरिया, 26 अगस्त। जिलाधिकारी द्वारा दिये गये निर्देश के अनुपालन में असंगठित क्षेत्र / मनरेगा श्रमिक, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ऑगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, मिड-डे-मील वर्कर, बोझा ढोने वाले ईंट-भट्ठे के श्रमिक, मोची, रिक्सा चालक, कृषि श्रमिक, मछली पालन, बीड़ी श्रमिक, चमड़ा श्रमिक, निर्माण श्रमिक इत्यादि श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं खुदरा व्यापारी / दुकानदार, स्व रोजगार व्यक्ति, राईस मिल मालिक, तेल मालिक, कारखाना मालिक, कमीशन एजेण्ट, रियल स्टेट ब्रोकर छोटे होटल / रेस्टोरेन्ट मालिक, आदि इस प्रकार के व्यापारी जिनकी मासिक आय रु० 15000/- से कम हो, को नेशनल पेंशन योजना के अन्तर्गत पेंशन सहायता हितलाभ सहज जन सेवा केन्द्र के माध्यम से पंजीयन कर लाभान्वित किया जाना है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशि सिंह ने यह जानकारी देते हुए असंगठित श्रमिकों व व्यापारियों को अवगत कराया है कि ऐसे श्रमिक अथवा व्यापारी जिनकी आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के मध्य है तथा जिनका मासिक आय रू0 15000/- से कम है वह इस योजना के अन्तर्गत पंजीकरण हेतु पात्र होगा। यह योजना अंशदायी है तथा योजना के अन्तर्गत श्रमिका को उनके योजना में प्रवेश के आयु के आधार पर रुपया 55/- से लेकर रु0-200/- प्रतिमाह नियमित अंशदान किया जायेगा तथा केन्द्र सरकार भी उतनी ही धनराशि उनके पेंशन खाते में जमा करेगी तथा 60 वर्ष की आयु प्राप्त होने पर योजना के अधीन प्रत्येक श्रमिक को रु०-3000/- पेंशन आजीवन प्राप्त करेगा तथा यदि पेंशनर की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी दशा में उसकी पति / पत्नी 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में प्राप्त करने का हकदार होगा।
उन्होंने श्रमिकों व व्यापारियों से अपील की है कि वे अपना आधार कार्ड व बैंक पासबुक के साथ सहज जन सेवा केन्द्र पर जाकर अपना पंजीयन करावे। योजना का क्रियान्वयन भारतीय जीवन बीमा निगम और जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से किया जायेगा। उक्त योजना में नामांकन सम्पूर्ण भारत के जन सुविधा केन्द्रों पर प्रारम्भ हो चुका है।






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